
बीते दिनों माननीय उच्च न्यायालय ने नदियों में मूर्ति विसर्जन की रोक लगा दी जिसे अगले वर्ष से लागू किया जायेगा।मूर्तियों में प्रयुक्त होने वाले केमिकल युक्त रंगों आदि से में बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलता है।नदियों के जीव जंतु इससे प्रभावित होते है।
कुलपति सुंदर लाल ने दुर्गा समिति के सदस्यों से इसी वर्ष से मूर्ति का विसर्जन नदी में ना करने का अनुरोध किया और कहा कि विश्वविद्यालय की पहल समाज के लोगों में सकारात्मक सोच पैदा करेगी।कुलपति की इस सोच पर समिति के सदस्यों ने प्रकृति का सम्मान करते हुए परिसर स्थित माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन पोखरे में किया। सदस्यों ने संकल्प लिया कि भविष्य में नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे।
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