
कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव शनिवार को विश्वेश्रैया संगोष्ठी हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन से लेकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये गये। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार 815 विद्यार्थियों का कैंपस सलेक्शन हुआ। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) इन्स्टीटयूट ऑफ फिजिकल साइंसेज फार स्टडीज एण्ड रिसर्च की स्थापना नये भवन में की गई। बी.ए.एल.एल.बी (ऑनर्स) पंचवर्षीय इन्टीग्रेटेड पाठ्यक्रम का संचालन और अनुसंधान उन्नयन हेतु इन्स्टीट्यूशनल पोस्ट डाक्टोरल फेलोशिप की व्यवस्था की गयी है। इस फेलोशिप के तहत विश्वविद्यालय पहले दो वर्षो तक शोधार्थी को अड़तीस हजार रूपये प्रतिमाह और तीसरे वर्ष से छियालिस हजार पॉच सौ रूपये प्रतिमाह प्रदान करेगा। शोध कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा शोध प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर, महाविद्यालय स्तर पर डी.आर.सी. एवं विश्वविद्यालय स्तर पर आर.डी.सी के माध्यम से 1500 शोधार्थियों को प्रवेश दिया जा चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आई.ए.एस. एवं पी.सी.एस. परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय ने यू.जी.सी. के पोर्टल शोध गंगा पर अबतक 8037 पी-एच.डी. अपलोड करके प्रदेश विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर है। इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम.के. सिंह, प्रो. बी.बी. तिवारी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. मनोज मिश्र आदि लोग उपस्थित थे।
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