Saturday, 18 August 2018

पीयू में अटल जी को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि



मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा कूंच से क्यों डरूँ


भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के महाप्रयाण पर विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में शनिवार की शाम श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया । 

श्रद्धांजलि सभा में कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव ने अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि  भारत रत्न अटल जी ने सिद्ध कर दिया कि राजनीति में काम करते हुए भी सबका प्रिय बना जा सकता है।  अपने विपक्षियों को भी अपना प्रशंसक बना लिया था।  कुलपति ने कहा कि उन्होंने  स्कूल में पढ़ाई के समय होने वाले नाटकों में अटल जी का किरदार निभाया था  । अटल जी से हुई अपनी मुलाकातों की भी चर्चा की।उन्होंने विद्यार्थियों से अटल जी गुणों को सीखने की सलाह दी। 

प्रो बी बी तिवारी ने कहा कि युग पुरुष अटल जी अकेले ऐसे शख्स थे जो भारत को निरूपित करते थे। प्रबंध अध्य्यन संकाय के अध्यक्ष डॉ वी डी शर्मा ने कहा कि अटल जी ने देश के विकास को एक नई दिशा दी।जनसंचार विभाग की छात्रा सौम्या तिवारी ने अटल जी कविता मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा कूंच से क्यों डरूँ सुना कर नमन किया।
डॉ के एस तोमर ने कहा कि हमने एक हीरा खोया है जो सदैव हमें याद आते रहेंगे। 
श्रद्धांजलि सभा में अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित  किया।संचालन  जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज मिश्र ने किया।


 इस अवसर पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो मानस पांडेय,प्रो अजय प्रताप सिंह, प्रो वंदना राय, प्रो राम नारायण, डॉ संदीप सिंह, डॉ रसिकेश, डॉ संजीव गंगवार, राकेश यादव, संतोष कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ महेंद्र यादव ,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ पुनीत धवन, राजीव कुमार,अमलदार यादव, समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी मौजूद रहे।

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