भक्त और भगवान का प्रेम है अलौकिक- शांतनु महाराज

श्री राम कथा में प्रख्यात कथा वाचक श्री शांतनु जी महाराज ने कहा कि राधा कृष्ण का प्रेम अलौकिक प्रेम है। आज के प्रेम की तुलना राधा कृष्ण के प्रेम से नहीं की जा सकती। भक्त और भगवान का प्रेम अद्भुत होता है।
उन्होंने मिथिला, चित्रकूट, अयोध्या और लंका के नागरिकों के चरित्र नक वर्णन किया। कहा कि यह अन्तः करण चतुष्ट मन, चित्त, बुद्धि तथा अभिमान का प्रतिनिधित्व करते है।
उन्होंने नामदेव की विट्ठल भक्ति को बड़े रोचक ढंग से सुनाया। कहा कि न जाने किस भेष में प्रभु भक्त से मिलने चले आये कोई नहीं जानता। विट्ठल भगवान स्वाननके भेष में नामदेव के पास आये थे। उन्होंने कहा कि जो सधने प्रयत्न करता है वो साधक है। जो सध चुका है वो साधु है जिसे जीवन के द्वंद सताते नहीं हैं। सिद्ध व्यक्ति वो होते है जो खुद सधे होते है और दूसरे को भी साधते है।

व्यास पीठ का पूजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो राणा कृष्ण पाल सिंह, प्रो के पी सिंह, प्रो बी बी तिवारी, वित्त अधिकारी ए के सिंह , प्रो बी बी तिवारी, अमलदार यादव, राजेश जैन, डॉ सुशील सिंह, विद्यार्थी ऋतु श्रीवास्तव, पूजा साहू, महेंद्र शर्मा, रजत गुप्ता आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया।
इस अवसर पर दरबारी लाल, प्रो अजय प्रताप सिंह,प्रो अजय द्विवेदी,प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रो बी डी शर्मा, डॉ देवेश उपाध्याय, सुरेंद्र त्रिपाठी, प्रो राम नारायण, प्रो वंदना राय, डॉ दिलीप सिंह,डॉ संतोष कुमार, डॉ वीरेंद्र विक्रम यादव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ नृपेंद्र सिंह, डॉ सुनील कुमार,डॉ संजय श्रीवास्तव, अशोक सिंह, समेत विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी, क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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